इनपुट/आउटपुट उपकरण - Input/Output Devices

 इनपुट उपकरण 

        इनपुट उपकरणों का प्रयोग कम्प्यूटर में डेटा डालने के लिये किया है । आम भाषा में प्रयोग किये जाने वाले कुछ इनपुट उपकरण निम्न हैं 

की - बोर्ड 

की - बोर्ड एक मानक इनपुट उपकरण है ; जो सभी कम्प्यूटरों से जुड़ा होता है । की - बोर्ड का layout पुराने QWERTY टाइप राइटर के समान होता है । की - बोर्ड पर कुछ बटन होते हैं जिन्हें “ की " ( Key ) कहा जाता है । इन को ( Key ) पर कोई चिन्ह अंकित होता है और किसी भी एक ' को ' ( Kcy ) के दबाने पर वह चिन्ह प्रयोग किया जाता है । एक उत्तम की - बोर्ड ' में 101 से 104 की होती हैं । 

        अधिकतर किसी एक को ( Key ) को दबाने से एक अकेला चिन्ह प्रयोग किया जाता है । यद्यपि , कभी - कभी किसी विशेष चिन्ह को बनाने के लिये कुछ ' को ' को एक साथ दबाया या एक क्रम से दबाया जाता है । 

        

मानक की के साथ एक की - बोर्ड में कुछ अन्य निर्देशों तथा फंक्शन को ' की ' भी होती हैं । ये ' की ' कोई भी चिन्ह नहीं बनाती हैं लेकिन कम्प्यूटर के ऑपरेशन या की - बोर्ड के ऑपरेशन पर प्रभाव डालती हैं ।

        बाजार में कई प्रकार के की - बोर्ड उपलब्ध हैं , जैसे मल्टीमीडिया की - बोर्ड , इन्टरनेट की - बोर्ड , फोल्डिंग की - बोर्ड तथा वायरलेस की - बोर्ड । निम्न चित्र 1.10 में एक मानक तथा मल्टीमीडिया की - बोर्ड को दर्शाया गया है । 

माउस 

        माउस एक बहुत सार्वजनिक इनपुट उपकरण है , जो के साथ प्रयोग में लाया जाता है । यह एक पेंटिंग उपकरण है जो ग्राफिकल पेंटर को स्क्रीन पर चलाने के लिये प्रयोग किया जाता है । यह ग्राफिकल प्वाइंट कर्सर के नाम से भी जाना जाता है । माउस का प्रयोग करके , हम आदेश दे सकते हैं , चित्र बना सकते हैं और अन्य इनपुट कार्य कर सकते हैं ।

      

एक माउस के ऊपर दो या तीन बटन होते हैं । इन बटनों को एक बार क्लिक या दो बार क्लिक किया जाता है । कार्य करने के लिये , जैसे स्क्रीन पर किसी ऑइकन को चुनने के लिये या किसी चुने हुये डाक्यूमेंट को खोलने के लिये । 

        आज , बाजार में कई प्रकार के माउस उपलब्ध हैं । सबसे ज्यादा प्रसिद्ध ऑप्टिकल माउस है । एक ऑप्टिकल माउस में बॉल नहीं होती है । यह एक लेज़र का प्रयोग करता है । 

स्कैनर 

            स्कैनर बाहरी चित्रों को कम्प्यूटर में डालने के लिये प्रयोग किया जाता है । की - बोर्ड अपनी ' की ' के द्वारा केवल टैक्स्ट इनपुट कर सकता है । अगर हम एक चित्र इनपुट करना चाहते हैं तो की - बोर्ड ये नहीं कर सकता । चित्र को इनपुट करने के लिये हमें स्कैनर की जरूरत होती है । एक स्कैनर , एक ऑप्टिकल उपकरण है जो चित्रों , प्रिन्टिड टैक्स्ट या हाथ से लिखे गये लेख का विश्लेषण करता है तथा डिजिटल फोटो में बदलता है । 

            प्रमुख सार्वजनिक स्कैनर उपकरण हैं 

        * मैग्नेटिक इंक करैक्टर रिकॉग्नीशन ( MICR ) रीडर 

        * ऑप्टिकल मार्क रीडर ( OMR ) स्कैनर 

        * ऑप्टिकल करैक्टर रिकॉगनिशन ( OCR ) स्कैनर 

        * बारकोड रीडर 


MICR Reader-
बैंकों में चैक तथा ड्राफ्ट के लिये MICR मुख्यतः प्रयोग किया जाता है । सभी चैको की रेखा तथा ड्राफ्ट्स पर विशेष कैरक्टर होते हैं , जो एक विशेष फॉन्ट में होते हैं , जिसे MICR कहते हैं । चैक MICR रीडर के अन्दर रखे जाते हैं । 

जैसे ही यह पढ़ने वाली यूनिट के अन्दर जाते हैं , चैक चुम्बकीय क्षेत्र से गुजरते हैं , जिस कारण रोड हैड को पढ़ा जाता है । 


OMR Scanner -
OMR टैक्निक विद्यार्थियों की उत्तर - पुस्तिका को जांचने के लिये प्रयोग की जाती है । उत्तर - पुस्तिका सीधे कम्प्यूटर में ग्रेडिंग के लिये डाली जाती है , जहाँ OMR का प्रयोग होता है । OMR स्कैनर लाइट की एक चमकती हुई किरण को डाक्यूमेंट पर डालता है और निशान लगाये हुये क्षेत्र को , बिना निशान लगाये क्षेत्र से अलग करता है । यह सम्भव है , क्योंकि निशान लगाया हुआ क्षेत्र बिना निशान लगाये हुये क्षेत्र से ज्यादा किरण परावर्तित करते हैं ।


OCR Scanner  -
इसका प्रयोग किसी भी छपे हुये कैरेक्टर को समझने के लिये किया जाता है । यह फोटो , हाथ से लिखा डेटा या टाइपराइटर टैक्स्ट , जो स्कैनर में रखा जाता है , को मशीन द्वारा पढ़ने और सम्पादन करने के लिये अनुवादित करता है । हमारे पास हाथ से लिखा हुआ डेटा है और हम इसे के अन्दर चाहते हैं तो यह स्कैनर बहुत सहायता करता है । OCR , MICR से महंगा है क्योंकि MICR से ज्यादा अच्छा होता है ।


Barcode Reader-
यह बारकोड को पढ़ने में प्रयोग किया जाता है , जो हमारी नित्य की जिन्दगी में प्रयोग आने वाली Fig . 1.14 : An OCR Scanner चीजों पर छपी होती है । यह दुकानों में रखी हुई चीजों का पता लगाने में मदद करता है और उठाईगिरी के अवसर को भी कम करता है । बारकोड एक मशीन के द्वारा पढ़ी जा सकने वाली सूचनाओं का प्रस्तुतिकरण सतह पर देखा जा सकने वाले फार्मेट में है । 

          यह गाढ़ी स्याही का प्रयोग सफेद आधार पर करके ज्यादा और कम परावर्तित करने के लिये प्रस्तुत किया जाता है , जो 1 और 0 में बदल दिया जाता है । लेकिन अब ये कई अन्य प्रतिरूपों में भी आ रहे हैं जैसे कि बिन्दु , सकेंद्री तथा टैक्स्ट कोड , जो फोटो में छिपे होते हैं ।

     एक बारकोड रीडर में प्रकाश यन्त्र , एक लेंस तथा एक फोटो चालक जो ऑप्टिकल आवेग को इलैक्ट्रॉनिक आवेग में बदल देते हैं । 

जॉयस्टिक

         एक जॉयस्टिक भी एक इनपुट उपकरण है । कर्सर , को या माउस का प्रयोग करने की जगह जॉयस्टिक का प्रयोग स्क्रीन की वस्तु या कर्सर को छोटे लीवर को चलाकर नियन्त्रित करने के लिये किया जाता है । यह प्रमुख रूप से विडियो या कम्प्यूटर जाता है । गेम में खिलाड़ी की चाल को नियन्त्रित करने के लिये प्रयोग किया  है ।

ज्यादातर जॉयस्टिक दो दिशाओं में चलाने के लिये किया जाता है । स्टिक का दायीं और बायीं तरफ चलना X- अक्ष की तरफ सिग्नल होता है तथा ऊपर और नीचे चलना Y - अथ की तरफ सिग्नल होता है ।


माइक्रोफोन 

        माइक्रोफोन भी एक इनपुट उपकरण है । यह कम्प्यूटर में आवाज का स्थानान्तरण करने में प्रयोग किया जाता है , अर्थात् कम्प्यूटर में ऑडियो रिकार्ड करने के लिये । किन्तु ये करने के लिये , हमारे कम्प्यूटर में साउंड कार्ड भी डाला होना चाहिये


। हम भाषण पहचानने वाला सॉफ्टवेयर हमारे माइक्रोफोन के साथ टैक्स्ट को पहचानने , नेविगेट प्रोग्राम तथा निर्देशों को चुनने के लिये प्रयोग कर सकते हैं । 

डिजिटल कैमरा 

        डिजिटल कैमरा भी एक इनपुट उपकरण की तरह फोटो को खींचने और सुरक्षित करने के लिये प्रयोग किया जाता है । हम डिजिटल कैमरों को एक कम्प्यूटर से जोड़ सकते हैं और फोटो स्थानान्तरण डिजिटल कैमरे से सीधे


कम्प्यूटर में कर सकते हैं । चित्र 1.18 एक डिजिटल कैमरा प्रदर्शित कर रहा है ।



आउटपुट उपकरण

        जैसे डेटा को इनपुट करने के लिये इनपुट उपकरणों की आवश्यकता होती है , उसी तरह कम्प्यूटर आउटपुट को दिखाता या प्रिन्ट , जिसे आउटपुट उपकरण कहते हैं , पर प्रदर्शित करता है । कुछ सार्वजनिक तौर पर प्रयोग किये जाने वाले आउटपुट उपकरण हैं- 


विजुअल डिस्प्ले यूविट 

सबसे प्रसिद्ध और मानक आउटपुट उपकरण विजुअल डिस्प्ले यूनिट ( VDU ) है । अनौपचारिक तौर पर इसे मॉनीटर कहते हैं । यह एक इलैक्ट्रिकल साधन है । जो फोटो तथा टैक्ट को , जैसे कम्प्यूटर द्वारा दिया जाता है , दिखाता है , किसी स्थायी रिकार्ड को उत्पन्न किये बिना । एक मॉनीटर ज्यादातर एक कैथोड रे ट्यूब ( CRT ) या एक समतल पैनल , जैसे , TFT LCD डिस्प्ले रखता है ।

मॉनीटर एक डिस्प्ले उपकरण , एक सर्किट जो दिखाने योग्य फोटो या टैक्स्ट जो कम्प्यूटर से इलैक्ट्रिक सिग्नल के रूप में पायी जाती है , को उत्पन्न करने के लिये तथा एक केस या संवेष्टन का बना होता है । वी ० डी ० यू . मोनोक्रोम या रंगीन हो सकता है । 




प्रिन्टर
 

        यह दूसरा सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला उपकरण है । यह एक उपकरण है जो इच्छित डेटा की हार्ड कॉपी देता है । हार्ड कॉपी का मतलब एक स्थायी मनुष्य द्वारा पढ़ा जा सकने वाला टैक्स्ट या ग्राफिक्स , जो किसी भौतिक माध्यम जैसे पेपर या ट्रांसपेरेंसी पर लिया गया है । सार्वजनिक तौर पर प्रयोग किये जाने वाले प्रिन्टर निम्न हैं 


* डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर ( डी ० एम ० पी ० )
-एक डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर या इम्पैक्ट मैट्रिक्स कम्प्यूटर एक प्रकार का कम्प्यूटर प्रिन्टर है जिसके ऊपर पिनों का गुच्छा होता है । हर एक पिन , छपने वाले पेपर पर एक डॉट बनाती है । इन सभी बिन्दुओं का समूह पेपर पर इच्छित टैक्स्ट या फोटो बनाता है । एक डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर निम्न तरह से वर्गीकृत किया जा सकता है- 

        * कम विभेदन वाला डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर - 9 पिन प्रयोग करता है ।

     


  * ज्यादा विभेदन वाला डॉट मैट्रिक्स प्रिन्टर -
 24 पिन प्रयोग करता है ।

एक डॉट मैट्रिक्या प्रिन्टर की गति 500 कैरेक्टर/सेकण्ड  है । बार मैटिक्सा पिर कम मूल्य का विशेषता बाली जगह , जैसे कैश रजिस्टर या मांग में बहुत ज्यादा पकरण पाली जगह जैसे इनवाइस प्रिटिंग में प्रयोग किया जाता है।

       


* इंकजेट प्रिन्टर -
 इंकजेट प्रिन्टर प्रकार का प्रिन्टर है जिसमें प्रिन्टर माध्यम पर इंक की छोटी बूदों हैं , तब एक कैथोड और इलेक्ट्रोड के बोच को छिड़कता है । ये इंक की बूद इलैक्टिकल पाई होती है । जब इंक को पूरै माध्यम पर रख दी जाती में चार्ज का पता लगाया जाता है , जिससे इंक माध्यम की तरफ जाती है । इंकजेट प्रिन्टर रंगीन तथा लैक एण्ड बाइट दोनों तरह की छपाई कर सकते हैं । इनको प्रिरिंग की गति 2 से 4 पीपीएम ( पेपर पर मिनट ) होती है और विभेदन क्षमता 300 से 600 डी ० पी ० आई ० ( डॉट पर इंच ) होती है । इंकजेट प्रिन्टर सस्ते होते हैं और अच्छी विशेषता वाले प्रिंट आउट देते हैं । इसलिये इंकजेट प्रिन्टर सबसे ज्यादा ग्राहकों द्वारा प्रयोग किया जाता है     

* डाई - सब्लीमेशन प्रिन्टर - एक डाई सब्लीमेशन प्रिन्टर उस प्रकार के प्रिन्टर को दर्शाता है जहाँ प्रिन्टर उस प्रिटिंग प्रक्रिया को अपनाता है जहाँ उष्णता का प्रयोग डाई को स्थानान्तरण माध्यम पर करने के लिये किया जाता है जैसे कि एक पेपर , प्लास्टिक कार्ड या पोस्टर पेपर । यह प्रक्रिया रिबन का प्रयोग करके , एक रंग को एक समय में दे सकता है , जिस पर रंगों के पैनल होते हैं । डाई सब्लोमेशन प्रिन्टर रंगीन चीजों और टैक्स्ट के लिये कम प्रयोग में लाया जाता है । यह सार्वजनिक तौर पर ग्राहकों द्वारा फोटो को पिर करने के लिये प्रयोग किया जाता है । 

       


* लेजर प्रिन्टर
- एक लेजर प्रिन्टर उस प्रकार के प्रिन्टर को दर्शाता है जिस प्रिन्टर में लेजर । किरण का प्रयोग पेपर पर फोटो या टैक्स्ट को उत्पन्न कराने के लिये किया जाता है । एक लेजर प्रिन्टर दोनों , ब्लैक एंड व्हाइट तथा रंगीन प्रिन्ट कर सकता है । इसके प्रिन्ट करने की गति 4-16 ppm ( पेपर पर मिनट ) तथा विभेदन क्षमता 300-1200 डी ० पी ० आई ० ( डॉट पर इंच ) तथा इससे ज्यादा होती है ।

        लेजर प्रिन्टर अपने अच्छे गुण , गति तथा प्रति कॉपी कम मूल्य इत्यादि गुणों के लिये जाना जाता है । यद्यपि यह थोड़ा महंगा होता है इसलिये उद्योगों में प्रयुक्त किया जाता है । 

प्लॉटर 

प्लॉटर एक विशेष प्रकार ग्राफिकल प्रिय होता है , जो पेपर की सतह पर पेन के चलने से ऑपरेट होता है । ये बड़ी फार्मेट की फोटो बनाने के लिये यांत्रिक , इंकजेट तथा ऊष्मा की टैक्नोलॉजी का प्रयोग करता है । इसलिये प्लॉटर प्रिन्टिंग टैक्निकल ड्राइंग या CAD की फोटो बनाने के लिये प्रयोग किया जाता है । 

स्पीकर 

        स्पीकर आउटपुट उपकरण है जिसका प्रयोग ऑडियो परिणाम को सुनने के लिये किया जाता है । कम्प्यूटर के स्पीकर मूल्य तथा विशेषता में कई प्रकार के होते हैं । 

        


साधारणतः स्पीकर में LED indicator , एक 35 मिमी ० हैडफोन , जैक , आवाज को नियन्त्रित करने के लिये नियन्त्रक जो forn bass तथा treble का नियन्त्रण भी करता है , होते हैं ।

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